निबंध एक ऐसी विधा है जिसमें किसी विषय पर क्रमबद्ध रूप से विचारों को प्रकट किया जाता है। निबंध-लेखन हमारी लिखित अभिव्यक्ति को निखारता है और हमारी कल्पनाशक्ति का भी विकास करता है। निरंतर अभ्यास करने से लेखन-क्षमता में निखार आता जाता है। स्कूली पाठ्यक्रम में निबंधों के विषय दैनिक जीवनोपयोगी और ज्वलंत समस्याओं पर आधारित होते हैं। निबंध सेतु 1, 2, 3 का निर्माण शिक्षार्थियों की इसी आवश्यकता को ध्यान से रखते हुए किया गया है जिसमें सरलता और रोचकता के साथ-साथ मौलिकता भी है। निबंध सेतु-2: इसमें भाषा अध्ययन में लिखित अभिव्यक्ति का महत्त्वपूर्ण स्थान माना जाता है। कक्षा तीन तक पहुँचते-पहुँचते बच्चे छोटे-छोटे सर�... See more
निबंध एक ऐसी विधा है जिसमें किसी विषय पर क्रमबद्ध रूप से विचारों को प्रकट किया जाता है। निबंध-लेखन हमारी लिखित अभिव्यक्ति को निखारता है और हमारी कल्पनाशक्ति का भी विकास करता है। निरंतर अभ्यास करने से लेखन-क्षमता में निखार आता जाता है। स्कूली पाठ्यक्रम में निबंधों के विषय दैनिक जीवनोपयोगी और ज्वलंत समस्याओं पर आधारित होते हैं। निबंध सेतु 1, 2, 3 का निर्माण शिक्षार्थियों की इसी आवश्यकता को ध्यान से रखते हुए किया गया है जिसमें सरलता और रोचकता के साथ-साथ मौलिकता भी है। निबंध सेतु-2: इसमें भाषा अध्ययन में लिखित अभिव्यक्ति का महत्त्वपूर्ण स्थान माना जाता है। कक्षा तीन तक पहुँचते-पहुँचते बच्चे छोटे-छोटे सरल वाक्य लिखने में सक्षम हो जाते हैं। इसी क्षमता को निखारने के लिए कक्षा पाँच-छह में निबंध, पत्र, कहानी, अनुच्छेद-लेखन के अभ्यास की आवश्यकता होती है। निबंध में सभी विधाओं का क्रमबद्ध समावेश किया है। कक्षा-4, 5, 6 के स्तर के अनुरूप रोचक, सरल और ज्ञानवर्धक बनाने का उपयुक्त प्रयास किया गया है। विषय वर्तमान शिक्षा प्रणाली और समय के अनुरूप हैं। पुस्तक में निबंध के प्रकार—वर्णनात्मक, विवरणात्मक, भावात्मक और विचारात्मक बताते हुए अनेक नए विषयों का समावेश किया गया है। इस पुस्तक में निबंध-लेखन प्रक्रिया (विधि) भी बताई गई है ताकि निबंध लिखने से पूर्व विषय पर भली-भाँति सोच-विचारकर लिखना आरंभ करें। सरलता, सरसता, रोचकता का सर्वत्र ध्यान रखा गया है।.