"क्या आप जानते हैं―
• कि जिस धरती पर हम शांतिपूर्वक और स्थिरता से रहते हैं, वह खुद जरा भी शांत और स्थिर नहीं रहती और 1,00,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सूर्य का चक्कर लगाती रहती है?
• कि मानव-निर्मित सबसे तेज गति के यान से भी बहुत तेज गति से यह पृथ्वी रूपी यान 365 दिनों में सूर्य का एक चक्कर लगाता है और हमें इसका ज़रा भी अहसास नहीं होता?
• कि इसी के साथ यह धरती 1,669.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी धुरी पर भी घूमती रहती है और उसी से दिन और रात बनते हैं?
• कि सूर्य भी एक तारा है और हमारी आकाशगंगा में उस जैसे 200 अरब से ज़्यादा तारे और 10 खरब से ज़्यादा ग्रह हैं?
• कि हमारा सौरमंडल हमारी जिस आकाशगंगा का सदस्य है, वह खुद भी आक�... See more
"क्या आप जानते हैं―
• कि जिस धरती पर हम शांतिपूर्वक और स्थिरता से रहते हैं, वह खुद जरा भी शांत और स्थिर नहीं रहती और 1,00,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सूर्य का चक्कर लगाती रहती है?
• कि मानव-निर्मित सबसे तेज गति के यान से भी बहुत तेज गति से यह पृथ्वी रूपी यान 365 दिनों में सूर्य का एक चक्कर लगाता है और हमें इसका ज़रा भी अहसास नहीं होता?
• कि इसी के साथ यह धरती 1,669.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी धुरी पर भी घूमती रहती है और उसी से दिन और रात बनते हैं?
• कि सूर्य भी एक तारा है और हमारी आकाशगंगा में उस जैसे 200 अरब से ज़्यादा तारे और 10 खरब से ज़्यादा ग्रह हैं?
• कि हमारा सौरमंडल हमारी जिस आकाशगंगा का सदस्य है, वह खुद भी आकाशगंगाओं के एक लोकल ग्रुप की सदस्य है और वह लोकल ग्रुप भी अपने से बड़े किसी समूह का सदस्य है, और यह सिलसिला इसी तरह जारी है?
ऐसी ही अद्भुत जानकारी देती है यह पुस्तक।"